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प्रशासनिक सुधार विभाग का नागरिक चार्टर
नागरिक चार्टर वाले विभाग
निदेशक सी सी सी द्वारा प्रस्तुत नागरिक चार्टर
13/02/2003 को हुई नागरिक चार्टर पर कार्यशाला का सार
 
 

नागरिक चार्टर

प्रस्तावना : प्रधानमंत्री जान मेयर की अध्यक्षता में ब्रिटिश सरकार द्वारा नागरिक चार्टर का नवीकरण हुआ है । कुछ अन्य पश्चिमी देशों द्वारा इसे स्वीकार किया गया है । इसका उद्देश्य सरकार और नागरिको के बीच अंतरापृष्ठ कुछ समस्याओं को निपटाना और उनकी आशाओं और आकांक्षाओ के अनुरुप आम जनता की सार्वजनिक सेवाओं की गुणता में लगातार सुधार लाना है। नागरिक चार्टर का मूल उद्देश्य गुणवत्ता में सुधार और, करदाताओं के धन से, स्तरीय सेवाओं की व्यवस्था जैसे क्षेत्रो मे सार्वजनिक सेवा संबंध में नागरिको को सशक्त करना है । इससे नियमो , विनियमो और पद्धतियों और प्रक्रियाओं के बारे मे पूर्ण पारदर्शिता के साथ संगठनो और उनके कर्मचारियों की जबाबदेही बढ़ेगी । इसका उद्देश्य नागरिको की शिकायतो के निवारण के लिए तंत्र की व्यवस्था करना भी है।

भारत में आम जनता को मूलभूत सूचना उपलब्ध कराने और व्यवस्था में पारदर्शिता और जबाबदेही का परिदृश्य खोलने हेतु नागरिक चार्टर कार्यक्रम का विस्तार एक स्वागतयोग्य कदम है। इन चार्टरो में सेवाओ का स्तर और वह समय सीमा, जिसके भीतर जनता स्वयं द्वारा सरकार को किए गए अनुरोधो के निपटारे के लिए युक्तियुक्ततः प्रत्याशा कर सकती है, सूचित करना अपेक्षित है।

केन्द्र और राज्य सरकार दोनों ने नवीकरण के प्रति संगत रुख अपनाया है और 416 से अधिक नागरिक चार्टर बन गए हैं ।

दिल्ली सरकार ने भी अपने नागरिकों के फायदे के लिए 75 ऐसे नागरिक चार्टर बनाए हैं ये चार्टर संबद्ध विभागों के पास उपलब्ध है और निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।