खुला और पारदर्शी वातावरण लाने की
दृष्टि से, दिल्ली सरकार ने दिल्ली सूचना अधिकार अधिनियम, 2001 अधिनियमित किया है। अधिनियम, 2 अक्तूबर, 2001 से प्रवृत्त हुआ । यह अधिनियम की धारा 6 में यथा विनिर्दिष्ट कुछ क्षेत्रों को रोकने के अधिकार के मामलों मे अपेक्षित सूचना प्रशासन में नागरिकों की सहायता करता है ।
अधिनियम के अधीन जानकारी चाहने
वाला कोई भी व्यक्ति, समक्ष प्राधिकारी को प्ररुप-1 में आवेदन कर सकते है । फार्म सभी विभागों के सक्षम प्राधिकारी के पास निःशुल्क उपलब्ध होते हैं।
सूचना के प्रदाय के लिए 25 रुपये प्रति आवेदन की नाममात्र की आवेदन फीस वसूली जाती है । इसके अतिरिक्त, जानकारी के प्रदाय के लिए 5 रुपए प्रति पृष्ठ की राशि वसूली जाती है, यदि जानकारी एक से अधिक पृष्ठ में हों । आवेदक अभिलेखों के निरीक्षण के लिए आवेदन फाइल कर सकता है । 15 मिनट या उसके अंतरालों के लिए अभिलेखों का निरीक्षण करने हेतु 15 रुपए की फीस वसूली जाती है । केवल ऐसे दस्तावेज निरीक्षण के लिए अनुज्ञेय है जिन्हें अधिनियम के अधीन दिया जा सकता है ।
सरकार 30 दिनों की अधिकतम अवधि के अधीन रहते हुए 15 दिन में जानकारी प्रदान करने का प्रयास
करेगी।
यदि कोई व्यक्ति प्रारुप-क को प्रस्तुत करने के 30 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी से प्रत्युत्तर प्राप्त करने में
असफल रहता है । या विहित अवधि के भीतर प्राप्त प्रत्युत्तर द्बारा व्यथित है तो वह लोक शिकायत आयोग को
अपील कर सकेगा ।
यदि अपील अनुज्ञात की जाती है तो आवेदक को सूचना ऐसी अवधि के भीतर सक्षम प्राधिकारी द्बारा प्रदान की जाएगी और सक्षम प्राधिकारी द्बारा आदेश दिया जाएगा । यह अवधि आदेश प्रदान की तारीख से 30 दिन से अधिक नही होगी ।
जो कोई विनिर्दिष्ट समय के भीतर अधिनियम के अधीन मांगी जानेवाली जानकारी को प्रस्तुत करने के लिए जानकारी प्रदान करने के लिए बाध्य होने के नाते असफल पाया जाता है या रद्द आदेश को सूचित करने में असफल रहता है वह प्रति आवेदन अधिकतम 500 रुपए की अधीन रहते हए, 30 दिन के बाद विलंब अवधि के लिए प्रतिदिन 50/- रुपये का दण्ड पाने के लिये उत्तरदायी होगा ।
यदि दी गई जानकारी किसी तात्त्विक विशिष्ट से गलत पायी जाती है या उसे देने वाला बाध्य व्यक्ति यह जानता है कि यह मिथ्या है या विश्वास किए जाने योग्य नहीं हैं तो जानकारी देने वाला व्यक्ति प्रति आवेदन 1000/- रुपए का दण्ड पाने के लिये उत्तरदायी होगा।
जानकारी
चाहने वाला नागरिक सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया को सुकर बनाने के लिए संबंधित
विभाग के सक्षम प्राधिकारी से संपर्क कर सकेगा । यह आशा की जाती है कि ये प्रयास
वांछित जानकारी देने में सार्थक होगें
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